अधूरी ख्वाहिशें "किसी दिन"
चेहरे पर मेरे #ज़ुल्फो को फैलाओ किसी दिन॥
क्यों रोज़ सिर्फ #गरज़ते हो??
#बरस जाओ किसी दिन॥
#खुशबू की तरह कभी ग़ुज़रो
मेरे #दिल की गली से
#फ़ूलो की तरह मुझपे
#बिखर जाओ किसी दिन॥
चेहरे पर मेरे #ज़ुल्फो को फैलाओ किसी दिन॥
क्यों रोज़ सिर्फ #गरज़ते हो??
#बरस जाओ किसी दिन॥
#खुशबू की तरह कभी ग़ुज़रो
मेरे #दिल की गली से
#फ़ूलो की तरह मुझपे
#बिखर जाओ किसी दिन॥
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