बृहस्पति का सिंह राशि में प्रवेश, जानिए 12 राशियों पर असर


मंगलवार दिनांक 14/07/2015 को बृहस्पति 12
साल बाद सिंहस्थ हो गए हैं। 12 साल बाद
बृहस्पति ने सूर्य की राशि सिंह में प्रवेश किया
है।
भारतीय ज्योतिष पंचांग के अनुसार मंगलवार
दिनांक 14/07/2015 को बृहस्पति प्रातः 7
बजकर 8 मिनट पर अपनी उच्चस्थ कर्क राशि व
अपने पुत्र बुध के नक्षत्र आश्लेषा को त्यागकर
अपने शिष्य सूर्य की राशि सिंह में तथा केतु के
नक्षत्र मघा में प्रवेश कर गए हैं।
गुरु का सिंह राशि में प्रवेश करना धार्मिक दृष्टि से
अनुकूल है। सिंहस्थ बृहस्पति धर्मस्थलों, ब्राह्मणों,
विद्वानों की प्रतिष्ठा में वृद्धि करेंगे तथा शिक्षा
व धर्मक्षेत्र में उन्नति होगी। शास्त्रों का ज्ञान
प्राप्त होगा। विशेष व्यक्तियों के अपने क्षेत्र में
मुख्य स्थान प्राप्त होगा। मान, पद, प्रतिष्ठा में
वृद्धि होगी। सभी कोणों में धर्म की आस्था बढ़ेगी
तथा राजनीति में सच्चे व निष्ठावान लागों को
ही शुभ फल प्रदान करेगा। खाद्य पदार्थ में तेजी आने
से महंगाई बढ़ सकती है और जनमानस की क्रयशक्ति
भी प्रभावित होगी।
गेहूं, उड़द, तिल, चावल, फल-सब्जियों इत्यादि में तेजी
देखने को मिलेगी। इसके साथ ही सभी स्वर्ण, पीतल,
तांबा इत्यादि में मंदी का रुख रहेगा। टेक्नोलॉजी
के क्षेत्र में देश अत्यधिक प्रगति प्राप्त करेगा।











जानते हैं 12 राशियों पर सिंहस्थ गुरु का प्रभाव-

मेष- भावेश बृहस्पति का पंचम भाव में गोचर से
विद्या व प्रेम के क्षेत्र में सफलता के योग हैं व
भाग्यशाली रहेंगे व लाभ के अवसर प्राप्त होंगे।

वृषभ- अष्टमेश बृहस्पति का चतुर्थ भाव गोचर भाषा
से लाभ, जनहित कार्यों में सफलता व नौकरी में
सफलता लेकर आ रहा है। शारीरिक कष्ट की भी
आशंका है।

मिथुन- कर्मेश बृहस्पति के तृतीय भाव गोचर से
कठिन परिश्रम से कार्य सफलता, भाई-बंधु से अनबन,
शत्रु नाश लेकर आ रहे हैं और दैनिक कार्य में रुकावट के
योग हैं।

कर्क- षष्टेश बृहस्पति द्वितीय भाव गोचर वाणी में
कष्ट आर्थिक बचत रुकावट, भाग्य द्वारा सफलता
मामा पक्ष से लाभ के योग है।

सिंह- अष्टमेश बृहस्पति का लग्न भाव में गोचर संतान
सुख, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता, मतिभ्रम व
मनोविकार के योग हैं.

कन्या- सप्तमेश बृहस्पति का द्वादश भाव में
गोचर,
दांपत्य कलह, अविवाहित का विवाह भोग,
विलासिता, वाहन, भूमि विक्रय संबंधी कार्य
होंगे।

तुला- तृतीयेश बृहस्पति का एकादश भाव में गोचर
आर्थिक लाभ परिश्रम द्वारा आर्थिक उन्नति, शत्रु
बाधा व पराक्रम में वृद्धि के योग होंगे।

वृश्चिक- पंचमेश बृहस्पति का दशम भाव में गोचर,
नौकरी में परिवर्तन के योग, वाणी में कटुता, विद्या
में सफलता, माता से लाभ व शत्रु में वृद्धि रहेगी।

धनु - लग्नेश बृहस्पति का भाग्य भाव में गोचर
भाग्योदय करेगा। महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता,
प्रॉपर्टी संबंधित कार्य होंगे, लाभ के आसार बनेंगे।
विद्या में सफलता मिलेगी। धार्मिक यात्राओं का
अवसर प्राप्त होगा।

मकर- व्ययेश बृहस्पति का अष्टम भाव में गोचर
आर्थिक परेशानियां, स्वास्थ्य में गिरावट, दैनिक
कार्य में रुकावट व दुर्घटना के योग बनेंगे व मृत्युतुल्य
कष्ट रहेगा।

कुंभ- धनेश बृहस्पति का सप्तम भाव में गोचर दैनिक
सुविधाओं में वृद्धि, जीवनसाथी को कष्ट, विवाह
के योग बनेंगे। अत्यधिक खर्च व साझेदारी के कार्यों
में सफलता, अकस्मात धनलाभ के योग बनेंगे।

मीन- लग्नेश बृहस्पति के षष्ट भाव में गोचर, भागदौड़
में अधिकता रहेगी। शत्रुहंता के योग बनेंगे, कोर्ट केस
में सफलता मिलेगी, नौकरीपेशा में परिश्रम रहेगा,
शारीरिक कष्ट बनेंगे।

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